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Title: गुरु पूर्णिमा महोत्सव: 'मानव जन सेवा संस्थान' के पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों का भव्य सम्मान समारोह 💐
Author: Gaytari Pariwar
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समाज में निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले और रचनात्मक कार्यों को दिशा देने वाले व्यक्तित्व हमेशा वंदनीय होते हैं। चित्तौड़गढ़ के गायत्री शक्त...

समाज में निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले और रचनात्मक कार्यों को दिशा देने वाले व्यक्तित्व हमेशा वंदनीय होते हैं। चित्तौड़गढ़ के गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के पावन अवसर पर एक ऐसा ही अद्भुत और भावपूर्ण नजारा देखने को मिला, जहाँ समाज के ऐसे ही प्रेरणास्रोत महानुभावों का गरिमामयी सम्मान किया गया।

यह विशेष सम्मान समारोह 'मानव जन सेवा संस्थान, चित्तौड़गढ़' के आदरणीय पदाधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों को समर्पित था।

सम्मान का आध्यात्मिक स्वरूप

सम्मान समारोह का वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिक और उल्लास से भरा हुआ था। गायत्री परिवार की परंपरा का निर्वहन करते हुए, अतिथियों का स्वागत अत्यंत आत्मीयता के साथ किया गया।

संस्थान को दिशा देने वाले सभी महानुभावों को गायत्री महामंत्र उकेरा हुआ पवित्र पीला दुपट्टा (पटका) पहनाकर उनका भावपूर्ण सत्कार किया गया। पीले वस्त्रों में सुसज्जित कार्यकर्ताओं और अतिथियों के चेहरों पर झलकती आध्यात्मिक चमक और संतोष इस आयोजन की सफलता को खुद बयां कर रहे थे।

🌺 सम्मानित होने वाले गौरवशाली व्यक्तित्व

इस पुनीत अवसर पर संस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले जिन आदरणीय महानुभावों का वंदन किया गया, वे इस प्रकार हैं:

  • संस्थान अध्यक्ष: श्री सुरेश जी कच एवं श्रीमती मधुबाला जी (साथ में श्री शंकर जी माली)
  • उपाध्यक्ष: श्री कमल जी खटोड़ एवं श्रीमती अनिता जी खटोड़
  • सचिव: श्री सुरेश जी सालवी

सम्मानित सदस्य एवं अतिथिगण:

  • श्री अशोक कुमार जी छीपा एवं श्रीमती बिनाका जी छीपा
  • श्री राजेन्द्र कुमार जी सोनी एवं श्रीमती गायत्री जी सोनी
  • श्री प्रदीप जी गौड़ एवं श्रीमती उर्मिला जी गौड़

🙏 सेवा और समर्पण का वंदन

यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उनके द्वारा समाज हित में किए जा रहे निस्वार्थ कार्यों, उनके समय और उनके समर्पण का सम्मान था। ऐसे आयोजन न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को भी समाज सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

सभी अतिथियों ने परम पूज्य गुरुदेव और वंदनीया माताजी के सूक्ष्म संरक्षण में अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। पूरा शक्तिपीठ परिसर आत्मीयता, श्रद्धा और "हम बदलेंगे, युग बदलेगा" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

मानव जन सेवा संस्थान के इन सभी कर्मठ पदाधिकारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!

 

 

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