भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है, और शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में अच्छे संस्कारों का होना
एक सुंदर भविष्य की नींव है। इसी महान उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, इस वर्ष गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक बेहद अनूठा और
प्रेरणादायक आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या
में स्कूली बच्चों ने आत्मिक और संस्कारिक उन्नति के इस महापर्व में भाग लिया।
🌸 हवन कुंड के समीप बच्चों ने ली गुरु दीक्षा
गायत्री परिवार के मार्गदर्शन में आयोजित इस
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में लक्ष्य सेंट्रल
एकेडमी (बस्सी) और डीपीएस स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ
हिस्सा लिया। पवित्र यज्ञ (हवन) के दौरान,
बच्चों
ने वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां दीं और आचरण को शुद्ध रखने का संकल्प लेते हुए 'गुरु दीक्षा' ग्रहण की। हवन कुंड
के सामने ध्यान मुद्रा में बैठे इन छोटे-छोटे बच्चों को देखकर वहां उपस्थित हर
व्यक्ति का मन गौरव से भर उठा।
🗣️ श्री अशोक सोनी जी ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
इस विशाल और सफल आयोजन के संदर्भ में जानकारी
देते हुए श्री अशोक सोनी जी ने बताया कि बच्चों में अच्छे संस्कारों का सिंचन करना
आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।
उन्होंने बताया कि:
- लक्ष्य एकेडमी और डीपीएस बस्सी के विद्यार्थी पिछले 5 सालों से लगातार गुरु पूर्णिमा के पर्व पर यहाँ आते हैं।
- इनका मुख्य उद्देश्य बच्चों का हवन, दीक्षा संस्कार और उन्हें भोजन प्रसादी
ग्रहण करवाना है, ताकि उनका
आत्मिक विकास हो सके।
- अब तक लगभग 2000 से अधिक बच्चे इस प्रक्रिया के माध्यम
से गुरु दीक्षा ले चुके हैं।
श्री अशोक सोनी जी ने अन्य सभी स्कूल संचालकों
से भी यह विनम्र निवेदन किया कि वे भी अपने विद्यार्थियों को इसी तरह गुरु दीक्षा
और संस्कारिक कार्यक्रमों से जोड़ें,
ताकि
एक मजबूत और संस्कारयुक्त समाज का निर्माण हो सके।
📚 सत्साहित्य और पर्यावरण (तरु पुत्र) से जुड़ाव
दीक्षा संस्कार के साथ-साथ, बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए उन्हें
गायत्री परिवार के महान 'सत्साहित्य' (प्रेरणादायक पुस्तकों) से भी अवगत कराया गया। बच्चों ने इन
ज्ञानवर्धक पुस्तकों में गहरी रुचि दिखाई। इसके अलावा, 'तरु पुत्र' अभियान के तहत
बच्चों ने पौधे भी ग्रहण किए और उन्हें एक परिवार के सदस्य की तरह पालने का संकल्प
लिया।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि अगर युवा पीढ़ी
को सही समय पर सही मार्गदर्शन और संस्कार मिल जाएं, तो "हम बदलेंगे, युग बदलेगा" का
सपना जरूर साकार होगा।
इन सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजकों को इस महान कार्य के लिए हार्दिक बधाई!









